
सोनीपत। तीन कृषि कानूनों के विरोध में सिंघु बॉर्डर पर करीब सात महीने से चल रहे किसान आंदोलन के कारण होने वाली परेशानियों को लेकर राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच ने रविवार को महापंचायत का आयोजन किया। गांव सेरसा में आयोजित महापंचायत की अध्यक्षता हेमंत नांदल ने की। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से होने वाली परेशानियों को लेकर राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच द्वारा करीब दो महीने से एक रास्ते की मांग की जा रही हैं, लेकिन उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए महापंचायत में सर्व सहमति से आंदोलनकारियों एवं सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया। अगर आगामी सप्ताह में प्रशासन और प्रदेश सरकार द्वारा एक तरफ का रास्ता खाली नहीं किया जाता है तो आगे होने वाली परिस्थितियों के लिए आंदोलनकारी और प्रदेश सरकार ही जिम्मेदार होंगे। महापंचायत में सोनीपत के करीब 24 गांव, दिल्ली के 15 गांव के प्रतिनिधि व आसपास के अलग-अलग क्षेत्रों के करीब 700 की संख्या में प्रभावित लोग एकत्रित हुए।